🕉️ घर में शिव जी की स्थापना और पूजा के नियम
🛕 1. शिव जी की स्थापना के लिए सही स्थान
घर में शिव जी की स्थापना हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में करना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा आध्यात्मिक ऊर्जा की दिशा मानी जाती है। शिवलिंग या शिव जी की मूर्ति को ऐसे रखें कि पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे। शिवलिंग के सामने नंदी जी होना शुभ माना जाता है। बेडरूम या रसोई में शिवलिंग स्थापित नहीं करना चाहिए। पूजा स्थान हमेशा साफ और शांत होना चाहिए क्योंकि शिव जी को सात्विक और पवित्र वातावरण प्रिय है।
🪔 2. शिव जी की स्थापना का सही समय और विधि
शिव जी की स्थापना के लिए सोमवार, प्रदोष काल या महाशिवरात्रि सबसे शुभ माने जाते हैं। स्थापना से पहले स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। फिर लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर शिवलिंग स्थापित करें। स्थापना के बाद जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें। इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना शुभ माना जाता है।
📿 3. दैनिक पूजा के नियम
दैनिक पूजा में सुबह स्नान के बाद शिव जी को जल अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि पत्ते टूटे हुए या कीड़े लगे न हों। शिव जी को केतकी फूल नहीं चढ़ाया जाता। शाम को दीपक और धूप जरूर जलाएं। सोमवार को विशेष रूप से शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
⚠️ 4. महत्वपूर्ण सावधानियां
बहुत बड़ा शिवलिंग घर में न रखें (मंदिर योग्य माना जाता है)
खंडित (टूटी) मूर्ति या शिवलिंग न रखें
शिवलिंग पर हल्दी और कुमकुम न लगाएं (केवल चंदन लगाएं)
पूजा स्थान के पास जूते-चप्पल या गंदगी न रखें
पूजा बिना स्नान के न करें (जहाँ संभव हो)
✨ 5. घर में शिव पूजा के लाभ
नियमित शिव पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मानसिक शांति, परिवार में एकता और आर्थिक स्थिरता आने की मान्यता है। शिव पूजा व्यक्ति के अहंकार को कम करके जीवन में संतुलन लाती है। साथ ही आध्यात्मिक उन्नति और भय से मुक्ति भी मिलती है।
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