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ईरान-इज़राइल जंग: प्रधानमंत्री मोदी के घर सुरक्षा समिति की बैठक
नई दिल्ली: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और हालिया हमलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की आपात बैठक दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि भारत मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में क्षेत्रीय संकट को बढ़ाने की ओर नहीं जाएगा।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त रूप से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय नेताओं से टेलीफोन पर वार्ता की। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से कहा कि भारत उनकी स्थिति और प्रयासों के साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने और नागरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इसी दौरान, प्रधानमंत्री ने इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी संवाद किया और उन्हें स्थिति को जल्द से जल्द शांत करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि लंबा संघर्ष न केवल क्षेत्रीय शांति को प्रभावित करेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी प्रभाव डाल सकता है।
सुरक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि भारत ने मध्य-पूर्व में अपने नागरिकों और हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी उपाय पहले ही सुनिश्चित कर लिए हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और यात्रा योजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई सक्रिय पहल से भारत की मध्य-पूर्व में स्थिरता और कूटनीतिक प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारत के संयम और संतुलित दृष्टिकोण से संकट को बढ़ने से रोका जा सकता है और क्षेत्रीय देशों के बीच भरोसे का माहौल बन सकता है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का लाभ उठाकर क्षेत्रीय संघर्ष के निवारण में मदद की जा सकती है। भारत ने हमेशा यह नीति अपनाई है कि किसी भी संघर्ष में सीधे हस्तक्षेप के बजाय कूटनीतिक संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए।
सनातन संवाद के संवाददाताओं के अनुसार, बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों और खतरे के स्तर का विस्तृत ब्रीफिंग दी। प्रधानमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए कि भारतीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी अप्रत्याशित घटना का तुरंत जवाब दिया जाए।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारत की सक्रिय भूमिका और प्रधानमंत्री मोदी के संवाद से न केवल क्षेत्रीय शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिर और संतुलित कूटनीति इस समय वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी की बैठक और अंतरराष्ट्रीय नेताओं से वार्ता यह संकेत देती है कि भारत संकट को गंभीरता से देख रहा है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि संघर्ष जल्द समाप्त हो। इसके साथ ही, भारत ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।
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