🔱 सनातन परंपरा में विवाह का आध्यात्मिक स्वरूप भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक या शारीरिक समझौता नहीं है, बल्कि इसे जीवन की एक महान आध्यात्मिक साधना माना गया है। इसी कारण हमारे शास्त्रों में गृहस्थ आश्रम को सबसे महत्वपूर्ण आश्रम कहा गया है — “धन्यो गृहस्थाश्रमः” । एक आदर्श गृहस्…
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