धर्म सहारा नहीं, शक्ति है
आज का हिंदू यह मान लेता है कि धर्म उसका साथ तब देगा, जब सब ठीक नहीं होगा।
लेकिन यह भूल जाता है कि धर्म का असली काम मुसीबत हटाना नहीं, मनुष्य को मज़बूत बनाना है।
हम चाहते हैं कि भगवान रास्ते आसान कर दें, पर यह नहीं चाहते कि वे हमें कठोर बनाएं, अनुशासित बनाएं, आत्मनिर्भर बनाएं।
कड़वी सच्चाई यह है — सनातन ने कभी कमज़ोरों को सहारा नहीं दिया, उसने मनुष्य को कमज़ोर न रहने दिया।
उसने कहा — उठो, सोचो, सहो, सीखो, और आगे बढ़ो।
रोना नहीं सिखाया, रणभूमि में खड़े रहना सिखाया।
अगर धर्म हमें साहसी, संयमी और जिम्मेदार नहीं बना रहा, तो हमने उसे केवल दुख-निवारक बना दिया है — मार्गदर्शक नहीं।
जय सनातन 🔱
धर्म सहारा नहीं, शक्ति है।
लेखक / Writer : अग्नीपुत्र 🔥
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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