कड़वी सच्चाई — भगवान नहीं बदलते, बदलना हमें होता है
आज का हिंदू यह चाहता है कि भगवान उसकी हर समस्या हल कर दें, लेकिन खुद अपनी गलतियाँ सुधारने को तैयार नहीं।
वह कहता है — “भगवान परीक्षा ले रहे हैं”, पर यह नहीं कहता — “मैंने कहाँ चूक की?”
वह कहता है — “समय खराब चल रहा है”, पर यह नहीं देखता — “मेरे कर्म कैसे हैं?”
वह मंदिर जाकर हाथ जोड़ता है, पर बाहर निकलते ही वही गलत रास्ता फिर चुन लेता है।
कड़वी सच्चाई यह है — भगवान सहारा देते हैं, बदलाव नहीं करते। बदलाव मनुष्य को खुद करना पड़ता है।
सनातन धर्म भाग्य पर नहीं, कर्म पर खड़ा है।
अगर जीवन नहीं बदल रहा, तो पूजा कम नहीं, ईमानदारी कम है।
जय सनातन 🔱
भगवान से नहीं, खुद से सवाल करो — यही असली साधना है।
लेखक / Writer : अग्नीपुत्र 🔥
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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