केरल में 250 वर्षों बाद महामघ महोत्सव की वापसी
मालप्पुरम | 18 फरवरी से 3 मार्च 2026
🗞️ केरल में 250 वर्षों बाद महामघ महोत्सव की वापसी, भारतपुज़ा तट बनेगा सनातन चेतना का केंद्र
केरल के मालप्पुरम जिले में स्थित भारतपुज़ा नदी के पावन तट पर करीब 250 वर्षों के अंतराल के बाद ऐतिहासिक महामघ महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस प्राचीन सनातन पर्व को दक्षिण भारत का कुंभ मेला भी कहा जाता है। यह महोत्सव 18 फरवरी से 3 मार्च तक पारंपरिक वैदिक विधियों के साथ मनाया जाएगा।
इतिहासकारों के अनुसार, ब्रिटिश शासन काल में यह महायज्ञ और तीर्थ उत्सव बाधित हो गया था, जिससे पीढ़ियों तक इसकी परंपरा टूट गई। अब स्थानीय मंदिर समितियों, सनातन संगठनों और विद्वान आचार्यों के सहयोग से इस महापर्व को उसके मूल स्वरूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है।
महोत्सव के दौरान भारतपुज़ा नदी में पवित्र स्नान, यज्ञ, वेद-पाठ, देव-अर्चना और सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की भूली-बिसरी आध्यात्मिक विरासत को पुनः स्थापित करने का प्रयास है।
हजारों श्रद्धालुओं के देशभर से पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। यह आयोजन सनातन परंपराओं के पुनरुद्धार और सांस्कृतिक आत्मविश्वास के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। 🕉️
लेखक / Writer : अभिमन्यू 🛞
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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