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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संदेश 2026 (RSS Chief Mohan Bhagwat Message 2026)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संदेश 2026 (RSS Chief Mohan Bhagwat Message 2026)

पंचपारिवर्तन के माध्यम से हिंदू एकता और सामाजिक समरसता पर RSS प्रमुख का ज़ोर

RSS Panch Parivartan initiative

राष्ट्रीय डेस्क | जनवरी 2026

हिंदू एकता, सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने पंचपारिवर्तन पहल पर ज़ोर दिया है। हालिया संवाद और संबोधन में उन्होंने कहा कि यह पहल सनातन संस्कृति के आधार पर समाज को जोड़ने और समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने का एक संगठित प्रयास है।

मोहन भागवत के अनुसार, पंचपारिवर्तन का लक्ष्य व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि सामाजिक समरसता किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता से ही सुदृढ़ होती है। उनके वक्तव्य में यह बात प्रमुख रही कि हिंदू एकता का अर्थ समानता और सहयोग है, न कि टकराव, और यह एकता समाज के भीतर संवाद, संवेदनशीलता और सेवा-भाव से विकसित होती है।

सूत्रों के मुताबिक, पंचपारिवर्तन के अंतर्गत पारिवारिक मूल्य, सामाजिक सद्भाव, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरणीय चेतना और स्व-आचरण में अनुशासन जैसे आयामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भागवत ने कहा कि सनातन परंपरा में परिवर्तन निषेध नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण अनुकूलन का मार्ग दिखाता है, जहाँ मूल मूल्य स्थिर रहते हैं और व्यवहार समयानुकूल होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार समाज की आधारशिला है। पारिवारिक संवाद, बड़ों का सम्मान और बच्चों में संस्कार—ये तत्व सामाजिक स्थिरता के लिए अनिवार्य हैं। इसी क्रम में उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सेवा, अनुशासन और समाजहित को अपने जीवन के केंद्र में रखें, ताकि एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हो सके।

विश्लेषकों का मानना है कि पंचपारिवर्तन पर यह जोर ऐसे समय में आया है, जब सामाजिक ध्रुवीकरण और मूल्य-संकट जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। उनके अनुसार, यह पहल आंदोलनात्मक भाषा के बजाय संवाद और सहभागिता पर आधारित ढांचा प्रस्तुत करती है, जिससे विभिन्न वर्गों को जोड़ने की संभावना बढ़ती है।

कुल मिलाकर, RSS प्रमुख द्वारा पंचपारिवर्तन पर दिया गया संदेश हिंदू एकता और सामाजिक समरसता को व्यवहारिक धरातल पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जहाँ सनातन संस्कृति को विभाजन नहीं, एकजुटता के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

लेखक / Writer : अभिमन्यू 🛞
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद


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