वृंदावन में सोमनाथ स्मरण पर रुद्राभिषेक, सनातन गौरव का शांत संदेश
वृंदावन | 6 जनवरी 2026 | धार्मिक–सांस्कृतिक डेस्क
आज वृंदावन में सनातन गौरव से जुड़ा एक विशेष धार्मिक स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन धर्म-रक्षा संघ द्वारा श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर लगभग 1000 वर्ष पूर्व हुए ऐतिहासिक आक्रमण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम के केंद्र में विशेष रुद्राभिषेक अनुष्ठान रहा, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
आयोजकों के अनुसार, इस स्मरण का उद्देश्य किसी प्रकार का आक्रोश प्रकट करना नहीं, बल्कि इतिहास-स्मृति, धर्म-संरक्षण और पुनरुत्थान की चेतना को सम्मान देना था। अनुष्ठान के दौरान भगवान शिव की वैदिक विधि से आराधना की गई और समाज में शांति, समरसता तथा सांस्कृतिक आत्मबल की कामना की गई। रुद्राभिषेक में मंत्रोच्चार, अभिषेक-द्रव्यों और दीप-आरती के साथ परंपरागत विधि का पालन किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय सभ्यता में अडिग आस्था और पुनर्निर्माण की प्रतीक-गाथा रहा है। इतिहास में आए आघातों के बावजूद सोमनाथ का पुनर्स्थापन सनातन परंपरा की जीवटता और निरंतरता को दर्शाता है। इसी भाव के साथ यह स्मरण शौर्य-बोध के साथ आत्मसंयम और संतुलन का संदेश देता है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के स्मरण-कार्यक्रम इतिहास-बोध को जीवित रखते हुए समाज में संवेदनशील और संतुलित विमर्श को प्रोत्साहित करते हैं।
कुल मिलाकर, वृंदावन में 6 जनवरी 2026 को आयोजित यह रुद्राभिषेक कार्यक्रम सनातन धर्म की स्मृति, शौर्य और पुनरुत्थान के सम्मान के रूप में दर्ज हुआ, जहाँ अतीत की स्मृति के साथ वर्तमान में शांति और भविष्य के लिए आत्मविश्वास का संदेश दिया गया।
लेखक / Writer : अभिमन्यू 🛞
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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