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सनातन और आज का युवा: नफ़रत या अनजाना डर? एक कड़वा सच।

सनातन और आज का युवा: नफ़रत या अनजाना डर? एक कड़वा सच।

🔥 आज के युवा को सनातन क्यों डराता है? 🔥

A young man looking into a mirror and seeing a powerful, enlightened version of himself, symbolizing the self-discovery aspect of Sanatan

नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज यह लेख किसी धर्म की रक्षा के लिए नहीं है— यह उस डर की जड़ तक जाने के लिए है जो आज के युवा के भीतर बिना नाम के बैठा है।

सच यह है— युवा सनातन से नफरत नहीं करता। वह उससे डरता है।

क्योंकि सनातन तुमसे वह सवाल पूछता है जिससे पूरी दुनिया बचना चाहती है— “तुम असल में हो कौन?”

आज का सिस्टम तुम्हें label देना चाहता है— student, employee, influencer, consumer। ताकि तुम्हें आसानी से मापा, बेचा और चलाया जा सके।

लेकिन सनातन कहता है— तुम label नहीं हो। तुम शरीर नहीं हो। तुम भीड़ नहीं हो।

और यही बात सबसे ज़्यादा असहज करती है।

आज का युवा काम से थका है, competition से टूटा है, comparison से बीमार है।

पर उसे सिखाया गया है— “Strong दिखो।” “Busy दिखो।” “Successful दिखो।”

सनातन यहाँ आकर पूरा खेल बिगाड़ देता है।

वह कहता है— रुको। देखो। समझो।

और जब कोई रुकता है, तो उसे दिखता है कि वह कितनी तेज़ी से गलत दिशा में भाग रहा था।

इसीलिए सनातन डराता है।

क्योंकि यह धर्म तुम्हें distraction नहीं देता— यह तुम्हें दृष्टि देता है।

आज का युवा spiritual नहीं बनना चाहता क्योंकि उसे बताया गया है कि spiritual मतलब weak।

पर अगर spiritual weak होता, तो युद्धभूमि में भगवद्गीता कभी आत्मज्ञान की बात नहीं करती।

कृष्ण ने अर्जुन से यह नहीं कहा— “सब छोड़ दो।” उन्होंने कहा— “जो कर रहे हो, उसे सही समझ के साथ करो।”

यही बात आज के युवा को डराती है।

क्योंकि सही समझ बहाने छीन लेती है। Victim mindset तोड़ देती है। और responsibility लौटा देती है।

आज की दुनिया तुम्हें कहती है— “System खराब है, तुम क्या कर सकते हो?”

सनातन कहता है— “System से पहले अपने भीतर देखो।”

और भीतर देखना सबसे कठिन काम है।

इसलिए सनातन को boring, outdated, irrelevant कहा जाता है।

ताकि युवा कभी वहाँ झाँके ही नहीं।

लेकिन याद रखो— जो चीज़ तुम्हें खुद से मिलवा दे, वही सबसे ज़्यादा डरावनी होती है उनके लिए जो तुम्हें खोया हुआ देखना चाहते हैं।

यह लेख तुम्हें धार्मिक बनाने के लिए नहीं है। यह लेख तुम्हें जाग्रत बनाने के लिए है।

🕉️ मैं हिन्दू हूँ। और मुझे वह ज्ञान नहीं डराता जो मुझे खुद से मिला दे।

लेखक / Writer : तु ना रिं 🔱
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद


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