महर्षि शुकदेव की सम्पूर्ण कथा | Sanatan Samvad नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जिनका जन्म ही वैराग्य था, जिनकी वाणी से भक्ति अमृत बनकर बही, और जिनकी उपस्थिति में मृत्यु भी भय नहीं रह गई—आज मैं तुम्हें …
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