कुंती का अपराधबोध – जिसे उसने कभी पूरी तरह कहा ही नहीं | सनातन संवाद कुंती का अपराधबोध (जिसे उसने कभी पूरी तरह कहा ही नहीं) युद्ध खत्म हो चुका था। हजारों लोग मारे जा चुके थे। राज्य पांडवों के पास था। पर एक स्त्री थी जो जीत के बाद भी हल्की नहीं हुई। कुंती…
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