महर्षि दुर्वासा की सम्पूर्ण कथा महर्षि दुर्वासा की सम्पूर्ण कथा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जिनका नाम सुनते ही लोग भय और श्रद्धा—दोनों अनुभव करते हैं; जिनके शाप से संसार काँपा, और जिनकी कृपा से विनाश ट…
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)