मौन की प्रतीक्षा — जहाँ ईश्वर स्वयं प्रकट होते हैं | Sanatan Samvad मौन की प्रतीक्षा — जहाँ ईश्वर स्वयं प्रकट होते हैं यह कथा उस भक्ति की है जो शब्दों से नहीं, मौन से बोली जाती है—जहाँ पुकार नहीं होती, केवल प्रतीक्षा होती है। …
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