सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कृष्ण ने कभी यह नहीं पूछा कि तुम्हारे पास क्या है — उन्होंने पूछा तुम क्या बन रहे हो

कृष्ण ने कभी यह नहीं पूछा कि तुम्हारे पास क्या है — उन्होंने पूछा तुम क्या बन रहे हो

कृष्ण ने कभी यह नहीं पूछा कि तुम्हारे पास क्या है — उन्होंने पूछा तुम क्या बन रहे हो

Shri Krishna teaching inner growth and consciousness over material achievements

💙🦚 “कृष्ण ने कभी यह नहीं पूछा कि तुम्हारे पास क्या है” 🌿
🌸 उन्होंने पूछा — तुम क्या बन रहे हो 🙏
✨क्योंकि वस्तुएँ समय के साथ बदलती हैं 🤍
✨पर संस्कार आत्मा के साथ चलते हैं ⚔️

💫 श्रीकृष्ण कहते हैं —
✨जो बाहर जोड़ते रहते हैं, वे भीतर खोते जाते हैं 🕊️
✨और जो भीतर सँवार लेते हैं 🌿
✨उन्हें बाहर कुछ सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं रहती 🕉️

🦚 कृष्ण उपलब्धि नहीं गिनते,
वे चेतना की गहराई देखते हैं ✨
✨और वही गहराई
✨मनुष्य को शांत भी बनाती है, शक्तिशाली भी 🌸

लेखक / Writer : कोंडीकर 🌊
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद


🙏 Support Us / Donate Us

हम सनातन ज्ञान, धर्म–संस्कृति और आध्यात्मिकता को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि आपको हमारा कार्य उपयोगी लगता है, तो कृपया सेवा हेतु सहयोग करें। आपका प्रत्येक योगदान हमें और बेहतर कंटेंट बनाने की शक्ति देता है।

Donate Now
UPI ID: ssdd@kotak



टिप्पणियाँ