स्वीकार्यता और धैर्य: 'कोंडीकर' के साथ जानिए क्यों हर प्रश्न का उत्तर ढूँढना ज़रूरी नहीं है
💙🦚 “कृष्ण ने कभी यह नहीं कहा कि सब कुछ समझ में आ जाएगा” 🌿
🌸 उन्होंने कहा — सब कुछ स्वीकार करना सीखो 🙏 ✨क्योंकि जीवन गणित नहीं है 🤍 ✨जो हर बार हल हो जाए ⚔️
💫 श्रीकृष्ण का बोध है — ✨कुछ प्रश्न उत्तर के लिए नहीं 🕊️ ✨अनुभव के लिए आते हैं 🌿 ✨और जो अनुभव से भागता नहीं ✨वही वास्तव में परिपक्व होता है 🕉️
🦚 कृष्ण स्पष्टता का भ्रम नहीं देते, वे धैर्य की दृष्टि देते हैं ✨और धैर्यवान मनुष्य ✨हर स्थिति में स्थिर रहता है 🌸
लेखक / Writer : कोंडीकर 🌊
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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