नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस गुण की बात करने आया हूँ जिसे संसार अक्सर कमज़ोरी समझ लेता है, पर जो वास्तव में मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है — नम्रता सबसे बड़ा आभूषण है। आभूषण वही होता है जो व्यक्ति के होने को सुंदर बनाए, बोझ न बने। धन, पद, विद्या, शक्ति — ये सब यदि अहंकार …
स्वीकार्यता और धैर्य: 'तु ना रिं' के साथ जानिए क्यों हर प्रश्न का उत्तर ढूँढना ज़रूरी नहीं है स्वीकार्यता और धैर्य: 'कोंडीकर' के साथ जानिए क्यों हर प्रश्न का उत्तर ढूँढना ज़रूरी नहीं है कोंडीकर 🌊 | सनातन संवाद 💙🦚 “कृष्ण ने कभी यह नहीं …
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