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Main Garv Se Kahta Hoon – Main Hindu Hoon | Sanatana Dharma and Responsibility

Main Garv Se Kahta Hoon – Main Hindu Hoon | Sanatana Dharma and Responsibility

मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे ज़िम्मेदारी से जीना सिखाता है

Sanatan Dharma and Responsibility by Tu Na Rin

नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी।

आज मैं आपको सनातन धर्म की उस बात के बारे में बताने आया हूँ जो इंसान को केवल आस्थावान नहीं, बल्कि विश्वसनीय बनाती है—ज़िम्मेदारी।

सनातन धर्म कहता है कि धर्म केवल पूजा नहीं, कर्तव्य भी है। जो अपने कर्तव्य से भागता है, वह धर्म से भी दूर चला जाता है। इसी कारण हमारे शास्त्रों में हर मनुष्य के लिए उसके जीवन की भूमिका स्पष्ट की गई है—पुत्र का कर्तव्य, माता-पिता का कर्तव्य, नागरिक का कर्तव्य, और सबसे पहले स्वयं के प्रति कर्तव्य।

यह धर्म हमें सिखाता है कि अपने काम से भागना किसी समस्या का समाधान नहीं है। ज़िम्मेदारी उठाने से जीवन बोझ नहीं बनता, बल्कि मजबूत बनता है। जब मनुष्य अपने हिस्से का कार्य ईमानदारी से करता है, तब उसका मन शांत रहता है और उसका आत्मसम्मान स्थिर रहता है।

सनातन धर्म यह भी सिखाता है कि दोष देने से पहले अपने भीतर झाँको। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी ज़िम्मेदारी समझ ले, तो संसार को बदलने के लिए किसी क्रांति की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। क्योंकि वास्तविक परिवर्तन बाहर से नहीं, भीतर से शुरू होता है।

मैं तु ना रिं आपसे यही कहना चाहता हूँ—यदि आप अपने परिवार, अपने कार्य और अपने शब्दों की ज़िम्मेदारी लेते हैं, तो आप केवल अच्छे इंसान नहीं, बल्कि सच्चे सनातनी हैं।

और इसी कर्तव्य भावना के कारण मैं पूरे गर्व से कहता हूँ—

“हाँ, मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे सिखाता है कि ज़िम्मेदारी से जीना ही सच्चा धर्म है।”

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