यज्ञ और अग्नि – Divine Energy and Pratham Indra | Sanatan Dharma ॐ यज्ञ और अग्नि – Divine Energy and Pratham Indra ॐ अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवं ऋत्विजम् । होतारं रत्नधातमम् ॥ जिस क्षण यह वैदिक वाणी प्रकट होती है, उसी क्षण यह स्पष्ट हो जाता है कि मानव ने ईश्…
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