कड़वी सच्चाई — धर्म भावनाओं से नहीं, अनुशासन से बचता है | सनातन संवाद आज का हिंदू धर्म की रक्षा के लिए भावुक तो बहुत है, लेकिन प्रतिबद्ध बहुत कम है। क्रोध जल्दी आता है, लेकिन कर्म बहुत देर से होते हैं। भावनाएँ ऊँची हैं, लेकिन …
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