🔱 कड़वी सच्चाई – 36 (सनातन धर्म)
आज का हिंदू यह मान लेता है कि धर्म उसके शब्दों में है, कर्मों में नहीं।
वह सही बात जानता है, पर सही करता नहीं। वह उपदेश देता है, पर अभ्यास नहीं करता। वह दूसरों को धर्म सिखाता है, पर खुद को बदलना टाल देता है।
कड़वी सच्चाई यह है — धर्म जानने से नहीं, करने से जीवित रहता है।
जिस धर्म का असर हमारी आदतों पर नहीं पड़ता, हमारी प्राथमिकताओं को नहीं बदलता, हमारे निर्णयों को दिशा नहीं देता— वह धर्म ज्ञान नहीं, सिर्फ़ सूचना बनकर रह जाता है।
सनातन चलने का मार्ग है, कहने का विषय नहीं। वह हर दिन पूछता है— “आज तुमने क्या जिया?”
जय सनातन 🔱 कम बोलो, अधिक करो — यही सनातन की अंतिम कसौटी है।
लेखक / Writer : तु ना रिं 🔱
प्रकाशन / Publish By : सनातन संवाद
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