गुरुवार और अन्नदान का आध्यात्मिक रहस्य गुरुवार और अन्नदान का आध्यात्मिक रहस्य सनातन परंपरा में कोई भी दिन, कर्म या दान केवल सामाजिक व्यवस्था के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि उसके पीछे मनुष्य की चेतना को परिष्कृत करने का गहरा उद्देश्य छिपा है। गुरुवार और अ…
जीवन में सही गुरु क्यों आवश्यक है – शास्त्रीय दृष्टि जीवन में सही गुरु क्यों आवश्यक है – शास्त्रीय दृष्टि सनातन शास्त्रों में यह प्रश्न कभी नहीं उठाया गया कि गुरु चाहिए या नहीं; प्रश्न केवल इतना रहा है कि गुरु कैसा हो। क्योंकि शास्त्र यह मानकर चलते हैं कि बि…
गुरु तत्व और आत्म-विकास की प्रक्रिया गुरु तत्व और आत्म-विकास की प्रक्रिया सनातन परंपरा में आत्म-विकास को कभी बाहरी उपलब्धियों से नहीं मापा गया। यहाँ आत्म-विकास का अर्थ है—अपने भीतर छिपी हुई चेतना का क्रमशः प्रकट होना। और इस प्रक्रिया का केंद्र है गुरु तत्व। गु…
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)