देवगुरु बृहस्पति: सनातन ज्ञान-परंपरा और विवेक के जीवंत प्रतीक | सनातन संवाद देवगुरु बृहस्पति और ज्ञान की सनातन परंपरा महर्षि बृहस्पति: विवेक, धर्म और सूक्ष्म व्याख्या के संरक्षक देवगुरु बृहस्पति और ज्ञान की सनातन परंपरा सनातन परंपरा में ज्ञान …
मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ: विवेक और बुद्धि का सनातन मार्ग | तु ना रिं मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ नमस्कार, मैं तु ना रिं , एक सनातनी। आज मैं आपको सनातन धर्म की उस शिक्षा के बारे में बता…
शिव के प्रतीक और उनका गहन रहस्य | Sanatan Sanvad शिव के प्रतीक और उनका गहन रहस्य सनातन दर्शन में भगवान शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के गूढ़ विज्ञान के प्रतीक हैं। सृजन, पालन और संहार—ये तीनों कार्य एक ही परम चेतना के विविध आयाम हैं। ब्रह्मा निर्माण करते हैं…
मोरपंख का महत्त्व : सौंदर्य नहीं, सूक्ष्म शक्ति का प्रतीक | Sanatan Sanvad मोरपंख का महत्त्व : सौंदर्य नहीं, सूक्ष्म शक्ति का प्रतीक 〰️〰️🌼🌼〰️〰️ सनातन परंपरा में मोरपंख केवल एक सुंदर पंख नहीं, बल्कि प्रकृति में छिपी उस सूक्ष्म शक्ति का प्रतीक है जो संतुलन, रक्षा और…
ॐ नमः शिवाय — शिव तत्त्व और सनातन चेतना | Sanatan Sanvad ॐ नमः शिवाय — शिव तत्त्व और सनातन चेतना 🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱 ॐ नमः शिवाय… ॐ नमः शिवाय… ॐ नमः शिवाय… सनातन चेतना की जड़ों में यदि कोई शक्ति सबसे गहराई से धड़कती है, तो वह महादेव शिव हैं। शिव किसी सीमि…
स्वीकार — जब प्रतिरोध टूटता है और शांति उतरती है | सनातन संवाद स्वीकार — जब प्रतिरोध टूटता है और शांति उतरती है नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस साधना की बात बताने आया हूँ जिसे लोग हार समझ लेते हैं, पर सनातन में यह महान बुद्धि है …
श्रद्धा के साथ जीना — सनातन धर्म की मौन शक्ति | Sanatan Samvad श्रद्धा के साथ जीना — सनातन धर्म की मौन शक्ति | Sanatan Samvad मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे श्रद्धा के साथ जीना सिखाता है नमस्कार, मैं तु ना र…
महर्षि नारद — चलता-फिरता वेद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जो चलता-फिरता वेद है, जिसकी वीणा से भक्ति की धारा बहती है, और जिसकी उपस्थिति से अहंकार टूटता है और विवेक जागता है—आज मैं तुम्हें महर्षि नारद की सम्पूर्ण कथा सु…
महर्षि क्रतु: संकल्प के प्रतीक सप्तर्षि और वेदों के विभाजनकर्ता की अनकही कथा महर्षि क्रतु — संकल्प और यज्ञ की अखंड परंपरा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद सनातन परंपरा में कुछ ऋषि ऐसे हैं जिनका नाम बहुत कम लिया जाता है, पर जिनके बिना वैदिक व्यवस्था की कल्पना…
गजेंद्र मोक्ष — शरणागति की वह पुकार जिसने बंधन तोड़ दिए गजेंद्र मोक्ष — शरणागति की वह पुकार जिसने बंधन तोड़ दिए तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस कथा का स्मरण कराना चाहता हूँ जहाँ न विद्या काम आई, न बल, न राज्य…
सत्य और करुणा: मनुष्य का असली धर्म क्या है? एक सनातनी दृष्टिकोण मनुष्य का धर्म सत्य और करुणा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस सरल परंतु अत्यंत गहन सत्य को स्मरण कराने आया हूँ जिसे समझ लेने के बाद धर्म की कोई जटिल परिभ…
मोक्ष — मरने के बाद नहीं, जीते-जी मुक्त होना मोक्ष — मरने के बाद नहीं, जीते-जी मुक्त होना तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस शब्द का वास्तविक अर्थ समझाने आया हूँ जिसे लोग मृत्यु के बाद जोड़ देते हैं — मोक्ष। स…
समभाव ही सनातन धर्म का सार है समभाव ही सनातन धर्म का सार है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस मौन सत्य की बात करने आया हूँ जिसे समझ लेने पर धर्म बोझ नहीं रहता, साधना कठिन नहीं लगती और जीवन अपने आप सरल हो जाता है — समभाव…
मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म समय को समझना सिखाता है, उससे डरना नहीं मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म समय को समझना सिखाता है, उससे डरना नहीं तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज …
गुरु — बिना दीपक के अंधकार में चलना क्यों असंभव है गुरु — बिना दीपक के अंधकार में चलना क्यों असंभव है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस आधार की बात बताने आया हूँ जिसके बिना सनातन का कोई भी मार्ग पूर्ण नहीं होत…
प्रेम ही ईश्वर तक पहुँचने का सेतु है प्रेम ही ईश्वर तक पहुँचने का सेतु है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस सत्य को शब्द देने आया हूँ जिसे शास्त्रों ने मौन में जिया, संतों ने आँसुओं में व्यक्त किया और भक्तों ने अपने पू…