ज्ञान के अभाव को सबसे बड़ा पाप क्यों माना गया ज्ञान के अभाव को सबसे बड़ा पाप क्यों माना गया सनातन धर्म में “पाप” का अर्थ केवल किसी नियम का उल्लंघन नहीं है। यहाँ पाप का मूल अर्थ है—वह अवस्था, जिसमें मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाए। इसी दृष्टि से देखा जाए…
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