अष्टावक्र ऋषि की कथा: देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्ह…
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