सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
Vedic Wisdom लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अन्य देवताओं की तरह भगवान ब्रह्मा की पूजा क्यों नहीं होती? | Sanatan Sanvad

अन्य देवताओं की तरह भगवान ब्रह्मा की पूजा क्यों नहीं होती? | Sanatan Sanvad अन्य देवताओं की तरह भगवान ब्रह्मा की पूजा क्यों नहीं होती? — सनातन दृष्टि सनातन धर्म में सृष्टि को समझने के लिए त्रिदेव की अवधारणा दी गई—सृजन, पालन और लय। इस त्रिमूर्ति में सृजन का दायित्व भगव…

क्या ईश्वर एक है? ऋग्वेद का सबसे क्रांतिकारी मंत्र

क्या ईश्वर एक है? ऋग्वेद का सबसे क्रांतिकारी मंत्र क्या ईश्वर एक है? ऋग्वेद का सबसे क्रांतिकारी मंत्र 1. मूल संस्कृत मंत्र इन्द्रं मित्रं वरुणमग्निमाहुरथो दिव्यः स सुपर्णो गरुत्मान्। एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्त्यग्निं यमं मातरिश्वानमाहुः॥ (ऋग्वेद - मण…

महर्षि पराशर की सम्पूर्ण कथा

महर्षि पराशर की सम्पूर्ण कथा महर्षि पराशर की सम्पूर्ण कथा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस महामुनि की कथा सुनाने आया हूँ जिनकी वाणी से पुराणों का मेरुदंड रचा गया, जिनके ज्ञान से अवतार-तत्त्व स्पष्ट हुआ, और जिनके वंश से वह महापुरुष उत्पन्न हुए जिन्होंने वे…

महर्षि जमदग्नि की सम्पूर्ण कथा

महर्षि जमदग्नि की सम्पूर्ण कथा महर्षि जमदग्नि की सम्पूर्ण कथा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जिनका जीवन तप, मर्यादा और न्याय के कठोर संतुलन का साक्ष्य है; जिनकी गृहस्थी स्वयं साधना बनी; और जिनके संस्कारों से वह महापु…

स्वाध्याय की शक्ति: क्यों स्वयं को पढ़ना दुनिया की हर किताब पढ़ने से बड़ा है?

स्वाध्याय की शक्ति: क्यों स्वयं को पढ़ना दुनिया की हर किताब पढ़ने से बड़ा है? स्वाध्याय से आत्मा प्रखर होती है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस मौन साधना की बात करने आया हूँ जिसे बाहरी लोग साधारण समझ लेते हैं, पर…

अष्टावक्र की कथा: जब एक बालक के अखंड ज्ञान के आगे नतमस्तक हुआ जनक का दरबार

अष्टावक्र ऋषि की कथा: देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्ह…

जब आमने-सामने आए राम और शिव के गण: अश्वमेघ यज्ञ और देवपुर के युद्ध की अनकही कथा

जब आमने-सामने आए राम और शिव के गण: अश्वमेघ यज्ञ और देवपुर के युद्ध की अनकही कथा अश्वमेघ यज्ञ और देवपुर का महासंग्राम अभिमन्यू 🛞 | सनातन संवाद यह कथा उन दिनों की है जब अयोध्या के महाराज श्रीराम ने लोक-मर्यादा, धर्म-संतुलन और राजधर्म की पूर्णता के …

आज का पंचांग और राशिफल: 13 जनवरी 2026 | लोहड़ी पर्व और माघ दशमी विशेष।

Blog Post Title आज का पंचांग और राशिफल: 13 जनवरी 2026 | लोहड़ी पर्व और माघ दशमी विशेष। तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद 🕉️ सनातन धर्म की जय | हिंदू ही सनातनी है 🕉️ 🔱 प्रस्तुति : सनातन संवाद 🔱 📜 वैदिक पंचांग एवं दैनिक राशिफल 📅 मंगलवार…

महर्षि गौतम की कथा: न्याय-दर्शन के जनक, अहल्या का उद्धार और सत्य का अनूठा मार्ग।

महर्षि गौतम की कथा: न्याय-दर्शन के जनक, अहल्या का उद्धार और सत्य का अनूठा मार्ग। महर्षि गौतम की सम्पूर्ण कथा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस महामुनि की कथा सुनाने आया हूँ जिनकी साधना सत्य की कठोरता और करुणा क…

सप्तऋषि — मानव चेतना के मार्गदर्शक

सप्तऋषि — मानव चेतना के मार्गदर्शक सप्तऋषि — मानव चेतना के मार्गदर्शक तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उन गूढ़ ऋषियों की कथा बताने आया हूँ जो मानव समाज और चेतना के मार्गदर्शक रहे हैं — सप्तऋषि। सनातन धर्म में स…

महर्षि पतंजलि की पूर्ण कथा — योग, जन्म, साधना और योगसूत्र का दिव्य रहस्य | Sanatan Sanvad

महर्षि पतंजलि की पूर्ण कथा — योग, जन्म, साधना और योगसूत्र का दिव्य रहस्य | Sanatan Sanvad महर्षि पतंजलि की दिव्य कथा — योगसूत्र, ध्यान और आत्मज्ञान का रहस्य नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस दिव्य ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जो केवल एक…

सेवा — सर्वोच्च साधना | Seva Highest Sadhana | सनातन संवाद

सेवा — सर्वोच्च साधना | Seva Highest Sadhana | सनातन संवाद सेवा — सर्वोच्च साधना लेखक: तु ना रिं 🔱 | प्रकाशित द्वारा: सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस सत…

महर्षि भरद्वाज और द्रोणाचार्य की कथा | सनातन धर्म | सनातन संवाद

महर्षि भारद्वाज और द्रोणाचार्य की जन्मकथा | Bharadwaj Rishi & Dronacharya Story महर्षि भारद्वाज व द्रोणाचार्य की दिव्य कथा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें वह कथा सुनाने आया हूँ जो प्राचीन ग्रंथों की सुगंध लिए हुए है—महर्षि भारद्वा…