अष्टावक्र ऋषि की कथा: देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद अष्टावक्र — देह की वक्रता नहीं, चेतना की सीध नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्ह…
गर्व से कहो मैं हिन्दू हूँ: क्यों सनातन धर्म हमें हर सुबह नया जन्म लेना सिखाता है? मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे हर दिन नया जन्म लेना सिखाता है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं आपको स…
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)