भक्त कण्णप्पा: जब शिकारी के प्रेम के आगे शिव के शास्त्र नतमस्तक हुए | Sanatan Sanvad भक्त कण्णप्पा: जब एक शिकारी के अटूट प्रेम के आगे शिव के शास्त्र भी नतमस्तक हो गए नमस्कार, मैं त…
महर्षि नारद — चलता-फिरता वेद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ऋषि की कथा सुनाने आया हूँ जो चलता-फिरता वेद है, जिसकी वीणा से भक्ति की धारा बहती है, और जिसकी उपस्थिति से अहंकार टूटता है और विवेक जागता है—आज मैं तुम्हें महर्षि नारद की सम्पूर्ण कथा सु…
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