संघर्ष ही व्यक्तित्व की शिल्पशाला है | Sanatan Sanvad संघर्ष ही व्यक्तित्व की शिल्पशाला है सनातन दृष्टि में जीवन कोई आरामगाह नहीं, बल्कि आत्मा की प्रयोगशाला है। यहाँ मनुष्य को गढ़ा जाता है—तप से, धैर्य से और निरंतर कर्म से। इसलिए यह कथन कि “प्रेशर से ही डायमंड बनते है…
Blog Post Title 🔥 सनातन धर्म ने मुझे भीतर से कैसे बदला? 🔥 तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। यह लेख कोई उपदेश नहीं है। यह कोई ज्ञान-प्रदर्शन नहीं है। यह स्वीकारोक्ति है — एक ऐसे युवा की, जो बाहर से ठीक दिखता था और भीतर…
कृष्ण युद्ध के पक्ष में नहीं थे — वे धर्म के पक्ष में थे कृष्ण युद्ध के पक्ष में नहीं थे — वे धर्म के पक्ष में थे कोंडीकर 🌊 | सनातन संवाद 💙🦚 “कृष्ण युद्ध के पक्ष में नहीं थे” 🕊️✨ 🌸 वे धर्म के पक्ष में थे। ✨ जहाँ संवाद असफल हो जाए ✨ और अधर्म अडिग हो जाए …
सनातन धर्म और कर्मयोग का सच्चा अर्थ | मैं हिन्दू हूँ क्योंकि मेरा धर्म मुझे कर्म का वास्तविक ज्ञान देता है
सनातन धर्म और कर्मयोग का सच्चा अर्थ | मैं हिन्दू हूँ क्योंकि मेरा धर्म मुझे कर्म का वास्तविक ज्ञान देता है मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे कर्म का असली अर्थ सिखाता है नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं आपको सनातन धर्म …