गुरु के बिना साधना क्यों अधूरी मानी गई गुरु के बिना साधना क्यों अधूरी मानी गई सनातन धर्म में साधना को कभी अकेले किए जाने वाला प्रयास नहीं माना गया। यहाँ साधना का अर्थ केवल मंत्र-जप, व्रत या ध्यान नहीं है, बल्कि चेतना का क्रमिक परिष्कार है। और इस परिष्कार की या…
महर्षि वेदव्यास की सम्पूर्ण कथा महर्षि वेदव्यास की सम्पूर्ण कथा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस महामुनि की कथा सुनाने आया हूँ जिनके बिना सनातन का साहित्य, दर्शन और साधना—तीनों की कल्पना अधूरी है; जिनकी दृष्टि ने युगों को जोड़ा, और जिनकी करुणा …
गुरु — बिना दीपक के अंधकार में चलना क्यों असंभव है गुरु — बिना दीपक के अंधकार में चलना क्यों असंभव है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस आधार की बात बताने आया हूँ जिसके बिना सनातन का कोई भी मार्ग पूर्ण नहीं होत…
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