सेवा ही परम धर्म: सनातन संस्कृति में परोपकार और निष्काम कर्म का वास्तविक अर्थ सेवा ही परम धर्म: सनातन संस्कृति में निष्काम कर्म का मर्म ✍️ लेखक: तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद "जिस हाथ ने किसी का भार उठाया, उसी हाथ से ईश्वर को छुआ जा सकता है।" …
समय का सम्मान: सनातन धर्म की दृष्टि में 'काल' का महत्त्व और जीवन का प्रबंधन। समय का सम्मान — धर्म का व्यवहारिक रूप तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस सत्य की ओर ध्यान दिलाने आया हूँ जिसे मनुष्य सबसे अधिक अ…
सहनशीलता — धर्म का आभूषण सहनशीलता — धर्म का आभूषण तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस गुण की बात करने आया हूँ जिसे कमजोर लोग कमजोरी समझ लेते हैं, और समझदार लोग जीवन का सबसे बड़ा बल मानते हैं — सहनशीलता ही धर्म का आ…
पुनर्जन्म का रहस्य: क्यों हम अधूरे पाठ और पुराने संस्कार साथ लेकर पैदा होते हैं? पुनर्जन्म — अधूरी कहानियों का अगला अध्याय तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस सिद्धांत की गहराई में ले चलता हूँ जो सनातन की…
मृत्यु—अंत नहीं, चेतना की नई यात्रा: सनातन धर्म का मृत्यु-बोध। मृत्यु — अंत नहीं, चेतना की यात्रा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस सत्य की ओर ले जाना चाहता हूँ जिससे मनुष्य सबसे अधिक डरता है मृत्यु। सन…
परिश्रम ही पूजा है: क्यों आपका 'कर्म' ही आपकी सबसे बड़ी 'साधना' है? परिश्रम ही पूजा है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस सत्य को शब्द देने आया हूँ जिसे संसार अक्सर साधारण समझकर भूल जाता है, पर …
Blog Post Title भोजन सनातन का पहला योग तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस विषय पर ले चल रहा हूँ जिसे लोग केवल पेट से जोड़ते हैं, पर सनातन उसे चित्त और चेतना से जोड़ता है भोजन। सनातन धर्म कहता है जैसा अन्न वैसा …
प्रार्थना का वास्तविक अर्थ: माँग नहीं, ईश्वर से मिलन की भाषा प्रार्थना — माँग नहीं, मिलन की भाषा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस क्रिया का मर्म समझाने आया हूँ जिसे लोग अक्सर याचना समझ लेते हैं, पर सनातन में यह …
ध्यान — जब मन रुकता है और सत्य बोलने लगता है ध्यान — जब मन रुकता है और सत्य बोलने लगता है तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस साधना के बारे में बताने आया हूँ जिसे लोग तकनीक समझ लेते हैं, पर सनातन में यह अवस्था है…
उपनिषद का रहस्य: जब प्रश्न ईश्वर से भी बड़े हो गए | एक सनातनी बोध उपनिषद जब प्रश्न ईश्वर से भी बड़े हो गए तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस ज्ञान परंपरा की ओर ले चलता हूँ जहाँ प्रश्न डर नहीं बल्कि साधना बन गए। …
षड्दर्शन: सत्य को देखने के 6 प्राचीन भारतीय मार्ग। क्या है सनातन का असली दर्शन? षड्दर्शन — सत्य को देखने के छह मार्ग तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस आधार से परिचित कराने आया हूँ जिस पर सनातन की पूरी बौद्धिक इ…
श्रुति और स्मृति — सनातन ज्ञान कैसे जीवित रहा श्रुति और स्मृति — सनातन ज्ञान कैसे जीवित रहा तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद श्रुति और स्मृति — सनातन ज्ञान कैसे जीवित रहा नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें सनातन की उस अद्भुत व्यवस्था का परिचय करा…
संतुलन — क्यों सनातन धर्म अतिवाद नहीं, स्थिरता सिखाता है संतुलन — सनातन का सबसे कठिन और सबसे आवश्यक सूत्र तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें सनातन धर्म की उस शिक्षा के बारे में बताने आया हूँ जो सबसे सरल लगती है, पर…
मौन — सनातन की सबसे गहरी और शक्तिशाली साधना मौन — सनातन की सबसे गहरी साधना तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस साधना के बारे में बताने आया हूँ जिसे लोग कमजोरी समझ लेते हैं, पर सनातन में इसे परम शक्ति कहा गया — मौन।…
श्रद्धा और तर्क — आँख बंद करके मानना नहीं, आँख खोलकर समझना श्रद्धा और तर्क — आँख बंद करके मानना नहीं, आँख खोलकर समझना तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें सनातन धर्म की उस विशेषता के बारे में बताने आया हूँ जो उसे बाक…