सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
Simple Living लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सादगी का आनंद — जब जीवन हल्का होने लगता है | तु ना रिं

सादगी का आनंद — जब जीवन हल्का होने लगता है | तु ना रिं सादगी का आनंद — जब जीवन हल्का होने लगता है नमस्कार… मैं तु ना रिं, एक सनातनी। जब मनुष्य “कम में जीने” का अभ्यास करने लगता है, तब वह धीरे-धीरे एक नई अनुभूति से परिचित होता है — सादगी का आनंद। यह आनंद क…

भरोसे की भक्ति — जब शिकायत नहीं, केवल समर्पण होता है

भरोसे की भक्ति — जब शिकायत नहीं, केवल समर्पण होता है यह कथा उस भक्ति की है जो शब्दों में नहीं, सहनशीलता में प्रकट होती है—जहाँ शिकायत नहीं होती, केवल भरोसा होता है। एक गाँव के बाहर, खेतों के बीच एक युवा ग्वाला रहता था। दिन भर वह गायों को चराता, वर्षा में भीगता, धूप में जलत…