श्रद्धा के साथ जीना — सनातन धर्म की मौन शक्ति | Sanatan Samvad श्रद्धा के साथ जीना — सनातन धर्म की मौन शक्ति | Sanatan Samvad मैं गर्व से कहता हूँ — मैं हिन्दू हूँ, क्योंकि मेरा धर्म मुझे श्रद्धा के साथ जीना सिखाता है नमस्कार, मैं तु ना र…
भरोसे की भक्ति — जब शिकायत नहीं, केवल समर्पण होता है यह कथा उस भक्ति की है जो शब्दों में नहीं, सहनशीलता में प्रकट होती है—जहाँ शिकायत नहीं होती, केवल भरोसा होता है। एक गाँव के बाहर, खेतों के बीच एक युवा ग्वाला रहता था। दिन भर वह गायों को चराता, वर्षा में भीगता, धूप में जलत…
भक्ति की दृष्टि — जब प्रभु स्वयं मार्ग बनते हैं भक्ति की दृष्टि — जब प्रभु स्वयं मार्ग बनते हैं यह कथा उस काल की है जब आँखों से देखना आवश्यक नहीं था, क्योंकि जिनके हृदय खुले होते थे, उनके लिए प्रभु स्वयं मार्ग बन जाते थे। एक गाँव में एक नेत्रहीन वृद्ध रहता था। जन…
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