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प्राणीमात्र पर दया ही धर्म है

प्राणीमात्र पर दया ही धर्म है प्राणीमात्र पर दया ही धर्म है नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस मूल सत्य की बात करने आया हूँ जिस पर सनातन धर्म की आत्मा टिकी है — प्राणीमात्र पर दया ही धर्म है। यह कोई भावुक वाक्य नहीं, न ही केवल नैत…

अहिंसा परमो धर्मः — क्यों यह सनातन धर्म का हृदय है, कमजोरी नहीं

अहिंसा परमो धर्मः — क्यों यह सनातन धर्म का हृदय है, कमजोरी नहीं अहिंसा परमो धर्मः — सनातन का हृदय तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं उस वाक्य के मर्म को खोलने आया हूँ जिसे अक्सर केवल नारे की तरह दोहरा दिया जाता है, पर जिसक…

अहिंसा — शक्ति नहीं, चेतना का नियम

अहिंसा — शक्ति नहीं, चेतना का नियम अहिंसा — शक्ति नहीं, चेतना का नियम तु ना रिं 🔱 | सनातन संवाद नमस्कार, मैं तु ना रिं, एक सनातनी। आज मैं तुम्हें उस सर्वोच्च नियम के बारे में बताने आया हूँ जिसे सभी धर्मों में सराहा गया, पर सनातन में इसे केवल चेतना का नि…